दिवाली लक्ष्मी-गणेश पूजा क्यों करें?
दिवाली पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा एक साथ की जाती है — लक्ष्मी जी धन और समृद्धि के लिए, और गणेश जी विघ्नहर्ता के रूप में। मान्यता है कि दिवाली की रात साफ़-सुथरे, दीयों से जगमगाते और श्रद्धा से पूजे गए घर पर धन, सुख-समृद्धि और शुभ शुरुआत का आशीर्वाद बना रहता है।
दिवाली पूजा कब करें?
दिवाली लक्ष्मी-गणेश पूजा दिवाली की रात, लक्ष्मी पूजा के मुहूर्त में की जाती है — घर की साफ़-सफ़ाई और दरवाज़े पर रंगोली बनाने के बाद। कई परिवार इसी दिन नई दुकान, नए व्यवसाय या नई बही खाता की पूजा भी करते हैं।
दो किट, हर घर के लिए एक
यह दिवाली किट दो साइज़ में आती है, ताकि आप अपनी पूजा के हिसाब से चुन सकें:
- आवश्यक (20 सामग्री) — घर पर पूरी लक्ष्मी-गणेश पूजा के लिए ज़रूरी सामग्री: लक्ष्मी-गणेश फोटो, लाल पूजा कपड़ा, रोली, हल्दी, अक्षत, कलावा, चंदन, 5 मिट्टी के दीये, रुई की बत्ती, घी, कपूर, अगरबत्ती, बताशा, गंगाजल, पूजा के फूल और शुभ-लाभ स्टिकर।
- संपूर्ण (35 सामग्री) — आवश्यक किट का सारा सामान, साथ में पूजा कलश, छोटी पूजा कटोरी, 11 मिट्टी के दीये, पूजा घंटी, कौड़ी, गोमती चक्र, कमलगट्टा, लक्ष्मी-गणेश पूजा सिक्के, पंचमेवा, रंगोली के रंग, जनेऊ, धूप और बहुत कुछ।
हर चीज़ की मात्रा नापी जाती है और हर किट की पूरी सूची यहाँ दी गई है, ताकि ऑर्डर में कुछ भी अचानक न लगे।
अधिक जानकारी के लिए
यदि आपको दिवाली पूजा की विधि, सामग्री या मुहूर्त से जुड़ी जानकारी चाहिए, तो हमारी वेबसाइट पर दिए गए संपर्क नंबर या संपर्क फ़ॉर्म के माध्यम से हमसे संपर्क कर सकते हैं।
